• मध्य प्रदेश होमगार्ड्स, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन

परिचय

मध्य प्रदेश में होमगार्डस् की स्थापना वर्ष 1947 में मध्य प्रान्त एवं बरार होमगार्डस् अधिनियम 1947 के तहत हुई थी । केन्द्र व्दारा वर्ष 1968 में नागरिक सुरक्षा अधिनियम को लागू करने के उपरान्त नागरिक सुरक्षा को होमगार्डस् के अंतर्गत लाया गया एवं तभी से इसे होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा विभाग कहा गया है । विंहगावलोकन करते हुये नगर सेना संगठन अस्तित्व में आने के पश्चात राज्य की जनता सेवा निष्काम भावना से कर रहा है । इसके अतिरिक्त समय-समय प्राकृतिक आपदा एवं अन्य विशेष परिस्थितियों में पुलिस के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर शांति एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिये अपने दायित्वों का निर्वहन करते है अतः इस विभाग का दायित्व कानून एव व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस बल के साथ सक्रिय सहयोग प्रदान करना है । होमगार्डस् एक्ट 1947 की धारा 7 (मूल पठित) एवं तद्परान्त महानिर्देषक, नागरिक सुरक्षा (होमगार्ड) केन्द्रीय गृह मंत्रालय, भारत शासन के परिपत्र VI-14021/15/79-DGCD(HG)दिनांक 11-07-79 में होमगार्डस् के संशोधित कार्यो को रेखांकित किया गया है।

व्यक्ति की रक्षा, सम्पत्ति की सुरक्षा एवं जन सुरक्षा और जन कल्याण के किसी भी कार्य में सहायता से संबंधित कत्र्तव्यों का पालन, (होमगार्ड एक्ट धारा-7)।

पुलिस के सहायक बल के रूप में कानून व्यवस्था बनाए रखना।